बिहार टुडे

Showing posts with label पटना न्यूज़. Show all posts
Showing posts with label पटना न्यूज़. Show all posts

Thursday, April 15, 2021

बिहार के मंत्री ने सुनी स्वाति पराशर की गुहार, दिलाया न्याय का भरोसा, डीएम को भी दिया निर्देश

 

पटना | स्वीडन से स्वाति पराशर ने ट्विटर के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मदद मांगी है। उनकी जमीन पर लाल झंडे लिए कुछ लोगों ने जबरन अतिक्रमण कर लिया है। जब पुलिस उसे हटाने के लिए पहुंची तो लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और लाठी से वार किया। इसके बाद स्वाति ने सीएम से न्याय की गुहार लगाई थी। अब बिहार के मंत्री और जदयू नेता संजय कुमार झा ने उन्हें न्याय दिलाए जाने का भरोसा दिया है।

स्वाती के ट्वीट का जवाब देते हुए मंत्री संजय कुमार झा ने लिखा, 'स्वाति जी, आपका मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है। मैंने मधुबनी के डीएम श्री अमित कुमार से बात की है और उनसे इस पर गौर करने को कहा है।' 

इसका जवाब देते हुए स्वाति ने लिखा, 'ऐसा जन प्रतिनिधियों को आम लोगों को आश्वस्त करने के लिए करना चाहिए कि उन्हें सुना जा रहा है। थोड़ी राहत महसूस हुई। धन्यवाद संजय कुमार झा।'

स्वाति के पिता से जुड़ा मामला क्या है

स्वाति के पिता अरविंद झा मधुबनी के अपने पैतृक गांव लौटे हैं। उनके साथ उनके बेटे जो दिल्ली की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते थे, वो भी नौकरी छोड़कर गांव आ गए हैं। दोनों पिता-पुत्र पुश्तैनी जमीन पर ऑर्गेनिक फार्मिंग और मखाने का कारोबार शुरू करना चाहते हैं। इसके जरिए वे स्थानीय लोगों को रोजगार देना चाहते हैं। पंडौल में उनकी लगभग 10 एकड़ जमीन है। इसपर दबंगों ने कब्जा कर रखा है।

कौन हैं प्रोफेसर स्वाति पराशर

स्वाति पराशर की परवरिश रांची में हुई है क्योंकि उनके पिता वहां पदस्थापित थे। हालांकि उनका जन्म मधुबनी जिले में ही हुआ है। वे इन दिनों स्वीडन के गोथेनबर्ग यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। स्वाति स्कूल ऑफ ग्लोबल स्टडीज में शांति और विकास विषय पढ़ाती हैं। इससे पहले वे आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में पढ़ाती थीं। इसके अलावा वे कई मुद्दों पर स्टोरी लिखती रहती हैं खासकर की महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर।


Saturday, April 10, 2021

भोजपुर में गांव की ही 2 महिलाओं ने फुसलाकर अपहरण किया, फिर पटना ले जाकर बेच दिया

 

पटना | भोजपुर जिले के गजराजगंज ओपी क्षेत्र के एक गांव में गांव की ही दो महिलाओं ने महज चंद रुपयों के लिए अपने ही गांव की किशोरी का अपहरण कर उसे बेच दिया। दोनों ने किशोरी को बहला-फुसला कर उसे पटना में ले जाकर एक युवक को बेच दिया था। युवक ने किशोरी से जबरन शादी रचा ली। किशोरी के पिता ने दोनों महिलाओं के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपित दोनों महिलाओं दिव्यांशी देवी और मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों बहनें हैं। दोनों की निशानदेही पर एक युवक भोलू यादव को भी गिरफ्तार किया गया।

भोलू यादव और दिव्यांशी देवी पटना के बक्शी नगर में रहते थे। दोनों महिलाओं ने अगवा कर किशोरी को भोलू यादव को सौंप दिया था। भोलू ने इसके एवज में दोनों महिलाओं को कुछ रकम भी दी थी। हालांकि रकम कितनी दी गई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। भोलू ने किशोरी से जबरन पटना स्थित एक मंदिर में शादी रचाई और शादी के बाद किशोरी को घर में जबरन बंद कर दिया।

इधर, पीड़ित किशोरी के पिता ने बताया कि दोनों महिलाएं उसे मौसी के घर ले जाने को कह कर ले गईं और उसे पटना में बेच दिया, जबकि उसकी मौसी आरा जिले में ही रहती है। पिता ने दोनों महिलाओं पर उसकी जबरन शादी करवाने एवं शादी करने वाले आरोपी युवक पर उसके साथ गलत काम करने का भी आरोप लगाया है।

गिरफ्तार तीनों लोगों को जेल भेज दिया गया है और किशोरी को भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस पीड़ित किशोरी को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले गई है। इस मामले में SP हर किशोर राय ने अपहरण करने के मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पीड़ित किशोरी के पिता द्वारा दोनों महिलाओं के खिलाफ अपहरण करने का आरोप लगाया गया था जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी महिलाओं एवं उसके साथ शादी करने वाले आरोपी पुरुष को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शिवरात्रि पर हुए विवाद के चलते पटना में युवक की चाकू से गोदकर हत्या

 

पटना | आलमगंज थाना क्षेत्र के बड़ी पटनदेवी मंदिर के पास पंचवटी कॉलोनी में शुक्रवार की रात बदमाशों ने एक युवक की चाकू मार कर हत्या कर दी। मृतक की पहचान कंकड़बाग थाना क्षेत्र में रहने वाला मुकेश चौधरी (20 वर्षीय) के रूप में हुई है। वह चैलीटाल स्थित ननिहाल आया हुआ था। 

घटना की जानकारी मिलते ही आलमगंज पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एनएमसी भेज दिया। आसपास के लोगों ने बताया कि शुक्रवार की शाम मुकेश ननिहाल से निकलकर पंचवटी कॉलोनी पहुंचा। यहां पहले से मौजूद बदमाशों ने उसके सीने में चाकू मार दी। वह खून से लतपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना को अंजाम देकर बदमाश गली के रास्ते भाग निकले। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से उसे गंभीर स्थिति में इलाज के लिए एनएमसीएच ले गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

पुलिस का कहना है कि परिजनों ने बताया कि टकला और बलवा से शिवरात्रि के दिन किसी बात को लेकर मुकेश का झगड़ा हुआ था। इसी को लेकर मुकेश की हत्या की गयी है। आलमगंज थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि आरोपितों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। शीघ्र ही आरोपितों की गिरफ्तार होगी। डीएसपी अमित शरण ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर छानबीन की।       

पटना में फंदा डालकर युवती ने की आत्महत्या

 

पटना | बहादुरपुर थाना क्षेत्र के बकरी मंडी के पास गले में फंदा डालकर एक युवती ने आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया। 

मेहंदीगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले शिवकुमार सिंह की 23 वर्षीय बेटी अंजू भारती बहादुरपुर बकरी मंडी के पास किराए का मकान लेकर रहती थी। वह यहां रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह मूलरूप से आरा की रहने वाली थी। सोमवार को उसके कमरे से बदबू आने पर मकान मालिक को शंका हुई। अनहोनी की आशंका से आसपास के लोग जुट गए और अंदर से बंद कमरे में झांका गया तो अंजू पंखा में फंदा डालकर झूलती दिखी। 

इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एनएमसी भेज दिया। बहादुरपुर थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस यूडी केस दर्ज कर घटना की छानबीन कर रही है। परिजनों ने किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं करायी है।

Friday, April 9, 2021

बिहटा में पांच साल की बच्ची से चाचा ने किया दुष्कर्म, पीड़िता की हालत गंभीर, आराेपी गिरफ्तार

 

पटना | बिहटा थाने के एक गांव में एक वहशी ने पड़ोस की रहने वाली 5 वर्षीया भतीजी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने उसका मेडिकल कराया है। घटना दो दिन पहले की है। पीड़ित बच्ची को उसका किशाेर चाचा बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची को खून से लथपथ छोड़ वह भाग गया, जिसके बाद उसके परिजन अस्पताल लेकर गए। दो दिन तक चले इलाज के बाद उसकी हालत कुछ सामान्य हुई। इसके बाद उसके परिजन थाने पहुंचे।

इस दौरान आराेपी पुलिस में शिकायत करने पर परिजनों को अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 

थानाध्यक्ष अवधेश कुमार झा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पॉक्साे के तहत कार्रवाई की जाएगी।

Thursday, April 8, 2021

पटना में बाईपास पर ट्रक ने युवक को रौंदा ०: घर से ऑफिस के लिए निकले युवक को हॉस्पिटल कोर्ट के पास तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला; मौके पर ही मौत

 

पटना | बाईपास पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को कुचल डाला। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान हरनौत गांव निवासी जयराम प्रसाद के पुत्र विनय कुमार के रूप में की गई है। हादसे की वजह से NH-30 पर आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया। इसके बाद वे पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।2 घंटे बाद जाम खत्म कराया गया। गुस्साए लोगों को पुलिस ने समझा-बुझा कर शांत कराया। पटना सदर के BDO मौके पर पहुंचे और मृतक के परिवार को सरकारी तौर पर सरकारी मदद उपलब्ध कराया। सरकार की तरफ से मिलने वाली सहायता राशि देने के बाद ही लोगों ने जाम खत्म किया।

प्राइवेट कंपनी में काम करते थे विनय

विनय हरनौत गांव के रहने वाले थे, लेकिन प्राइवेट कंपनी में काम करने के कारण वह शाहपुर में रहने लगे थे। वहीं, जमीन लेकर उन्होंने नया मकान भी बनाया था। उनके पिता जयराम प्रसाद अभी भी हरनौत में खेती-बाड़ी करते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनका एक 6 साल का बेटा और 7 साल की बेटी भी है, जो तीसरी क्लास में पढ़ती है।

नाश्ता करके काम के लिए निकले थे

घरवालों ने बताया कि सोमवार सुबह वह नाश्ता करके बाईपास के समीप स्थित अपने ऑफिस के लिए बाइक से निकले थे। कुछ देर बाद ही घटनास्थल से लोगों ने हादसे में मौत की सूचना दी। हादसा इतना भीषण था कि विनय अपनी बाइक से हवा में उछाल खाते हुए जमीन पर गिरे और उन्होंने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोग दौड़कर मदद को पहुंचे, लेकिन विनय की सांसें तब तक बंद हो चुकी थीं।

आक्रोशित लोग कर रहे प्रदर्शन

मौत से आक्रोशित लोग सड़क पर उतर आए हैं। वे पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। उनका कहना है कि ना तो ट्रैफिक पुलिस ऐसे मामलों में कुछ करती है और ना ही कहीं तैनात ही रहती है। लगभग 1 घंटे बीत जाने के बाद भी रामकृष्णा नगर थाना सहित आसपास के थाना के पुलिस और पदाधिकारी मामले को शांत कराने पहुंचे लेकिन लोग नहीं माने। पटना सदर के BDO के मौके पर पहुंचने के बाद ही जाम को खत्म करवाया जा सका।

Wednesday, April 7, 2021

रूपेश हत्याकांड: रोडरेज में इंडिगो मैनेजर की हत्या की बात दोहराई, आमने-सामने बैठाकर आरोपितो से की गई पूछताछ

 

पटना | इंडिगो मैनेजर रूपेश सिंह हत्याकांड में रिमांड पर लिये गये आरोपित सौरभ और पुष्कर उर्फ छोटू से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। पुलिस ने दोनों से कुल 12 सवाल दागे, जिनमें दोनों हत्याकांड के मुख्य आरोपित रितुराज से कब मिले, वारदात के बाद कहा गये। रितुराज की गिरफ्तारी के बाद से वह वह कहां कहां छिपे। 

कौन शरणदाता रहा आदि गंभीर प्रश्न शामिल रहे। 

सूत्रों की मानें तो दोनों ने रोडरेज में इंडिगो मैनेजर की हत्या किये जाने की बात कही। यही नहीं दोनों के जवाब एक-दूसरे से मिलते रहे। बताया हत्याकांड का मास्टरमाइंड रितुराज ही रहा है। इंडिगो के एयरपोर्ट मैनेजर रूपेर्श ंसह हत्याकांड मामले में शास्त्रीनगर थाने की पुलिस जेल भेजे गए रितुराज के साथी पुष्कर उर्फ छोटू और सौरभ को तीन दिनों के लिए रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस सौरभ को सोमवार और पुष्कर को मंगलवार को रिमांड पर लेकर थाने में आई। दोनों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाली बात कही। रितुराज, सौरभ और पुष्कर के साथ चौथे साथी के बारे में भी अहम जानकारी दी। 

तस्वीर भी पुलिस के हाथ लगी 

पूछताछ में यह बातें भी सामने आई कि रूपेश की हत्या के बाद सौरभ और पुष्कर भी रितुराज के साथ बिहार से बाहर फरार हो गए थे। उन चारों की तस्वीर भी पुलिस के हाथ लगी है। एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि दोनों से पूछताछ की जा रही है। इन सभी के खिलाफ ठोस साक्ष्य हैं। 

रूपेश हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस ने सबसे पहले मुख्य आरोपित रितुराज को रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उसके पास से पिस्टल, बाइक सहित वारदात के समय पहने हुए कपड़े को भी बरामद किया। पूछताछ में उसने अपने साथी सौरभ, पुष्कर सहित एक अन्य का नाम उजागर किया था। पुलिस ने वारदात के 50 दिनों बाद रितुराज के दूसरे साथी शूटर सौरभ कुमार को कुम्हरार इलाके से गिरफ्तार कर लिया। 

उससे पूछताछ के बाद पुलिस पुष्कर के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी कि इसी बीच उसने सोमवार को सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। सोमवार को ही पुलिस सौरव को तीन दिनों के लिए रिमांड लेने के लिए आवेदन समर्पित किया था। साथ ही पुष्कर को दो दिनों के लिए रिमांड के लिए आवेदन समर्पित किया गया था। सौरभ को तीन दिनों और पुष्कर को दो दिनों के लिए रिमांड लिया गया है ताकि कुछ पता लगाया जा सके।


Monday, April 5, 2021

रांची में निर्भया केस में मौत की सजा पाए दोषी को पटना में नाबालिग से रेप में मिली ताउम्र कैद की सजा

 

पटना | कंकड़बाग में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले मेंं दोषी को पॉक्सो एक्ट के तहत जिंदगीभर यानी ता-उम्र कैद की कड़ी सजा सुनायी है जबकि रांची में हुए दुष्कर्म के एक मामले में इस अभियुक्त को पहले ही मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। पटना पॉस्को कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार ने शनिवार को नालंदा के एकंगरसराय के रहने वाले राहुल कुमार उर्फ राहुल श्रीवास्वाव उर्फ राज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

पॉक्सो कोर्ट ने गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और रांची सीबीआई कोर्ट द्वारा दिए गए मौत की सजा के फैसले में दिए गए साक्ष्य को देखते हुए दोषी राहुल कुमार को आदतन अपराधी माना है। दोषी राहुल कुमार दया का पात्र नहीं है। वह समाज में रहने लायक नहीं है। इसलिए जबतक जिंदा रहेगा तब तक उसे जेल में कैद रहने की सजा दी गई है। पॉक्सो कोर्ट ने इसके अलावा चोरी, दुष्कर्म आईटी एक्ट के तहत दोषी राहुल कुमार को 4 लाख 20 हजार रुपया जुर्माना की भी सजा दी है। वहीं, दूसरी ओर पॉक्सो कोर्ट ने इस कांड की पीड़िता को 15 लाख रुपया आपराधिक क्षतिपूर्ति नियम के तहत मुआवजा जिला विधिक प्राधिकार को देने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने फैसले की प्रति डीएम को भी भेजने का आदेश दिया है।

कंकड़बाग की एक नाबालिग स्कूली छात्रा को घर में अकेला देखकर उसके घर में चोरी करने घुस गया और रूम में अकेला देखकर उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने का प्रयास किया। साथ ही नाबालिग छात्रा का नग्न फोटो भी मोबाइल से खींच लिया। जब नाबालिग ने हल्ला किया तब घर के परिवार वाले जाग गए और वह भाग गया था। बाद में महिला थाने की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस ने चार्जशीट दायर किया था। इसी मामले में पॉस्को कोर्ट ने शनिवार को दोषी अभियुक्त राहुल कुमार को सजा दी है। यह आपराधिक घटना महिला थाने में 21/2013 दर्ज किया गया था। अभियोजन की ओर से इस मामले में 11 अभियोजन गवाह और 12 साक्ष्य पेश किये गये थे। 

अभियोजन की ओर से स्पेशल लोक अभियोजक सुरेशचन्द्र प्रसाद ने बताया कि सजा पाए राहुल कुमार उर्फ राज श्रीवास्तव को रांची के चर्चित दुष्कर्म कांड में रांची की सीबीआई विशेष कोर्ट ने 20 दिसंबर 2019 को दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में  सजा-ए मौत की सजा मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि सजा पाए राहुल कुमार हार्डकोर क्रिमिनल है और वह राहुल कुमार उर्फ राहुल राज उर्फ राहुल श्रीवास्तव उर्फ रॉकी उर्फ आर्यन उर्फ अंकित नाम से भी चर्चित है। पटना जिले की स्पीडी ट्रायल की प्रभारी इंस्पेक्टर उमा सिंह ने बताया कि रॉची में छात्रा का रेप कर उसकी निर्मम हत्या कर दी और आग लगाकर लाश को जलाने का प्रयास किया था। इस कांड में रॉची सीबीआई कोर्ट ने राहुल कुमार को मौत की सजा दी है।  06 (एस)  2018 आपराध की धारा 302,376,201, धारा में 20 दिसंबर 2019 को सजा हुई है। रांची शहर सदर थाने में केस दर्ज हुआ था, जिसका नंबर 534 /2016 है। 

राहुल पर दर्ज मामले

पटना: बताया गया है कि अभियुक्त राहुल कुमार के खिलाफ पटना में 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें तीन कंकड़बाग, एक बेऊर और एक महिला थाने में दर्ज है जो वर्ष 2012 और 2013 का है। 

हिलसा: न्यायिक हिरासत से राहुल फरार हुआ था। इस मामले में एकंगरसराय थाने में केस दर्ज हुआ था। कांड संख्या 127/2016  दिनांक 26 नवंबर 2016 है। वर्ष 2013 में महिला थाने की पुलिस ने राहुल कुमार को रेप, हत्या का प्रयास और चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। जमानत नहीं मिलने की वजह से जेल में था। वह अपने चाचा के श्राद्ध में शामिल होने के लिए अपने घर एकंगरसराय गया था वहां से पुलिस हिरासत से भाग गया।

रांची: यहां के दुष्कर्म और हत्या मामले में उसे मौत की सजा हुई है।

लखनऊ: लखनऊ के हसनगंज थाने में 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हार्डकोर अपराधी को पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल और मोबाइल के साथ वर्ष 2013 में गिरफ्तार किया था तभी से वह बेऊर जेल में बंद था। उसके खिलाफ रेप, हत्या का प्रयास और चोरी का आपराधिक ट्रायल चल रहा था तभी सजा होने के डर से वह न्यायिक हिरासत से वर्ष 2016 में भाग गया था। अपराधी राहुल भाग कर रांची और लखनऊ में जाकर छुप गया और वही फिर से अपराध करने लगा। रांची में बड़ा अपराध करने के बाद वहां से लखनऊ भाग गया। 

Tuesday, March 23, 2021

फुलवारी-AIIMS रोड पर स्कूटी सवार महिला को कुचला, विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर किया बवाल, तोड़फोड़


पटना | फुलवारी- AIIMS रोड पर एक स्कूटी सवार महिला को ट्रक ने कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बाल्मी गेट के पास ट्रक ने महिला को टक्कर मार दी। हादसे के बाद लोग उग्र हो गए । आवाजाही को पूरी तरह से ठप कर दिया। गुस्से में लोगों ने तोड़फोड़ भी की। एक गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया। फुलवारी एम्स रोड पर गाड़ियों की लंबी लाइन करीब 2 घंटे तक लगी रही।

मायके में रहती थी महिला

मृतक युवती का नाम प्रतिभा कुमारी है। वो भुसौला दानापुर की रहनेवाली थी। 21 साल की प्रतिभा इंटर की छात्रा थी। 4-5 साल पहले उसने लव मैरिज शादी की थी। उसका तीन साल का बेटा है, जिसका नाम अनमोल राज है। पति के साथ महिला का विवाद चल रहा था। इस वजह से पति ने उसे छोड़ दिया था और वह मायके भुसौला में रहती थी। उसके परिजन मजदूरी का काम करते हैं। हादसे के बाद बेटे अनमोल राज को लेकर परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। लेकिन पति अभी तक नहीं पहुंचा है। उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार

हादसे के वक्त लड़की के साथ स्कूटी पर सद्दाम नाम का युवक भी बैठा हुआ था। परिजनों का कहना है कि उसने ही प्रतिभा को मरवाया है। हालांकि कई बार मृतका के पति पर भी हत्या करवाने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। 26 साल का सद्दाम भुसौला का ही रहनेवाला है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सद्दाम स्कूटी चला रहा था। उसे हल्की चोट आई है, लेकिन लड़की सड़क पर गिर गई और ट्रक ने कुचल दिया।

परिजन कर रहे हैं मुआवजे की मांग

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक वो पटना से कोर्ट का एग्जाम देकर भुसौला लौट रही थी। 4 बहनों में प्रतिभा ही पढ़ने-लिखने में सबसे तेज थी। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ अभी भी जुटी हुई है। CO और BDO मौके पर पहुंच गए हैं। परिजनों को 20 हजार की राशि दाह संस्कार के लिए दी गई है। BDO मोहम्मद जफरूद्दीन ने बताया कि सीनियर अफसरों से बातचीत करने के बाद 4 लाख की मुआवजा राशि के बारे में निर्णय लिया जाएगा। मृतका के पिता राम मनोहर ने बेटी प्रतिभा की मौत को लेकर FIR दर्ज नहीं कराई है।

Monday, March 22, 2021

फ्रॉडगिरी में कोलकाता से स्किन क्लीनिक का मालिक गिरफ्तार, पटना से गई थी पुलिस टीम

 

पटना | पुलिस ने कोलकाता में फ्रॉडगिरी के मामले में फरार चल रहे डॉ. पॉल एंड स्किन क्लीनिक के मालिक डॉ. विजय पॉल को गिरफ्तार किया है। इन्हें सड़क के रास्ते फोर व्हीलर गाड़ी से पटना लाया जा रहा है। रविवार को इस गिरफ्तारी की पुष्टि पटना पुलिस की तरफ से कर दी गई है। हालांकि इनका भाई डॉ. अभिजीत पॉल अभी भी फरार है। उसकी भी तलाश चल रही है। 

जिस मामले में डॉ. विजय पॉल को गिरफ्तार कर लाया जा रहा है वह 1.61 करोड़ रुपए की ठगी का है। इस मामले इन दोनों डॉक्टर भाई समेत कुल 6 लोग आरोपी हैं जिनमें डॉ. अभिजीत की पत्नी सुप्रिया पॉल और अभिजीत के PA अनूप कुमार बोस व कंपनी के डायरेक्टर गया नाथ दास शामिल हैं। ये चारों भी फरार हैं।

पत्नी और PA के ऊपर कोर्ट के आदेश पर अलग से हुआ केस

बड़े पैमाने पर रुपयों की ठगी के इस केस में डॉ. अभिजीत पॉल की पत्नी सुप्रिया पॉल और अनुप कुमार बोस ने सबसे पहले पटना सिविल कोर्ट में अपनी जमानत याचिका दायर की थी जहां से वह खारिज हो गया था। इसके बाद इन दोनों की अपील पर सुनवाई करते हुए जनवरी 2020 में इन्हें पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लेकन, असलियत कुछ दिनों के बाद सामने आई। दरअसल, सुप्रिया और अभिजीत के PA का बेलर ही फर्जी निकला। सरकारी वकील के जरिए कोर्ट को इस बात का पता चला जिसके बाद हाईकोई ने सबसे पहले बेलर को कोर्ट में मौजूद होने का सम्मन जारी किया। जब बेलर नहीं आया तो ठगी के केस के अलावा फर्जी बेलर के मामले में इन दोनों के ऊपर कोर्ट के आदेश पर पहले एक नोटिस किया गया था, फिर अलग से एक केस दर्ज किया गया।

कंपनी की फ्रेंचाइची के नाम पर ठगे थे रुपए

डॉ. विजय पॉल और डॉ. अभिषेक पॉल कुछ साल पहले पटना के ही नागेश्वर कॉलोनी में रहा करते थे। दोनों भाई मिलकर पॉल्स मल्टी स्पेशियालिटी क्लीनिक प्राइवेट लीमिटेड नाम की कंपनी चलाते थे। अभिजीत से जय माता दी इन कॉरपोरेशन के डायरेक्टर देव ज्योति की दोस्ती थी। कंपनी के फ्रेंचाइजी के नाम पर काफी सारे रुपए देव ज्योति ने दिए थे। इसके लिए 2013 में इन दोनों के बीच एक एग्रिमेंट भी बना था। ब्रांडिंग और कंपनी के डेवलपमेंट पर देव ज्योति ने करीब 4 करोड़ रुपया खर्च कर दिया था। लेकिन, एक साल बाद ही सबकुछ बदल गया। 2018 में एक नया एग्रिमेंट हुआ जिसमें कारोबार से देव ज्योति हट गए थे। पूरा हिसाब करने के बाद 1.61 करोड़ रुपया डॉ. अभिजीत पॉल और इसके भाई को लौटाना था। 

मगर, ऐसा हुआ नहीं। इसके बाद ही 2019 में देव ज्योति के बयान पर पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना में कुल 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। इसमें इन दोनों भाइयों के साथ ही अभिजीत की पत्नी सु्प्रिया पॉल, PA अनुप बोस, राजू कुमार और इनकी कंपनी के डायरेक्टर गया नाथ दास शामिल हैं। आरोप है कि इसी पुलिस की कार्रवाई के डर से ये सभी पटना छोड़कर कोलकाता के दमदम के मातीझील एवेन्यु इलाके में शिफ्ट कर गए थे। यहीं से अब पटना पुलिस ने डॉ. विजय पॉल को गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं।

Sunday, March 21, 2021

बिहटा में पांच साल की बच्ची से चाचा ने किया दुष्कर्म, आराेपी गिरफ्तार

 

पटना | बिहटा थाने के एक गांव में एक वहशी ने पड़ोस की रहने वाली 5 वर्षीया भतीजी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने उसका मेडिकल कराया है। घटना दो दिन पहले की है। 

पीड़ित बच्ची को उसका किशाेर चाचा बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची को खून से लथपथ छोड़ वह भाग गया, जिसके बाद उसके परिजन अस्पताल लेकर गए। दो दिन तक चले इलाज के बाद उसकी हालत कुछ सामान्य हुई। इसके बाद उसके परिजन थाने पहुंचे।

इस दौरान आराेपी पुलिस में शिकायत करने पर परिजनों को अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 

थानाध्यक्ष अवधेश कुमार झा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पॉक्साे के तहत कार्रवाई की जाएगी।


खेसारी लाल व अक्षरा सिंह के कार्यक्रम में बवाल, गाड़ियों के शीशे तोड़े, फोरलेन किया जाम, शो छोड़कर भागे भोजपुरी स्टार


पटना | फतुहा के सुकुलपुर स्थित छपाक वाटर पार्क के पास रविवार को जमकर बवाल हुआ। लोगों ने कई वाहनों के शीशे फोड़ डाले और फोरलेन को जाम कर दिया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय पुलिस ने असामाजिक तत्वों पर काबू पाया। दरअसल, छपाक वाटर पार्क में रविवार को भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव और एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का कार्यक्रम आयोजित था। भारी बवाल को देखते हुए उक्त कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। 

कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है था कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मुझे इस कार्यक्रम की अनुमति मिल चुकी थी लेकिन दूसरी ओर थानाध्यक्ष का कहना था कि कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी नहीं है, सिर्फ फिल्म की शूटिंग की बात कही गई थी। गौरतलब हो कि रविवार को पटना के छपाक वाटरपार्क में होली के रंग, खेसारी और अक्षरा के संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में हीरो खेसारी लाल यादव और हीरोइन अक्षरा सिंह आने वाली थीं। शिवंता एंटरटेनमेंट की ओर से इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया था। 

आयोजकों ने बताया कि जबरदस्त हंगामे के बाद कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि बवाल की सूचना पर खेसारी लाल यादव और अक्षरा सिंह कार्यक्रम छोड़कर भाग गईं और इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने से दोनों ने मना कर दिया। विदित हो कि दोनों एक्टर और एक्ट्रेस ने खुद सोशल मीडिया में अपना वीडियो शेयर कर लोगों को आमंत्रण दिया था, जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण से कार्यक्रम स्थल पर क्षमता से ज्यादा लोग पहुंच गए और जमकर बवाल काटा। 


Thursday, March 18, 2021

पटना के कंकड़बाग में युवती ने की आत्महत्या, छह मंजिला अपार्टमेंट से लगाई छलांग

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। ल़ॉकडाउन के दौरान बिहार की राजधानी से बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार की सुबह कंकड़बाग की आरएमएस कॉलोनी में एक युवती ने आत्महत्या कर ली। उसने कॉलोनी के छह मंजिला जमुना अपार्टमेंट की छत से नीचे छलांग लगा दी। इससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई है। 

बताया जाता है कि मृतका इलाके में दाई का काम करती थी। कई दिनों से परेशान थी। सूचना मिलने पर कंकड़बाग थाने की पुलिस मामले की छानबीन करने के लिए पहुंच गई है। युवती ने अपनी जान क्यों ली? ये अभी साफ नहीं हो सका है।

मंगलवार की सुबह-सुबह हुए हादसे के बाद कंकड़बाग के आरएमएस कॉलोनी के पास अफरातफरी मच गई। युवती के छह मंजिला अपार्टमेंट से नीचे गिरने के बाद काफी देर लोग समझ ही नहीं पाए कि हुआ क्या है। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लगे लॉकडाउन के बावजूद भी बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास इकत्रित हो गए। 

काफी देर गहमगहमी के बीच किसी ने पुलिस को युवती के छत से छलांग लगाने की सूचना दे दी। जानकारी होने पर पहुंची कंकड़बाग थाने की पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

Saturday, February 20, 2021

पटना में बड़ी वारदातः नौबतपुर में दुकान के अंदर घुसकर अपराधियों ने व्यवसायी का रेता गला

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। एक ओर जहां राजधानीवासी कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में रहना मुनासिव समझ रहे तो अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब हो जा रहे हैं। नौबतपुर थाना क्षेत्र के लोग घट रही आपराधिक घटनाओं को लेकर परेशान हैं। क्षेत्र के लोग एक वारदात को भूल नहीं पाते कि दूसरी को बदमाश अंजाम दे देते हैं। शनिवार की सुबह इलाके में गला रेतकर हत्या की खबर मिलने से सनसनी मच गई है।

दुकान के अंदर मिला खून से लथपथ शव

शुक्रवार की देर रात नौबतपुर के चर्रा गांव में किराना दुकान में दुकानदार सुरेश साव (57) की खून से लथपथ लाश देख लोगों के होश उड़ गए। दुकान के अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। जिससे ऐसी आशंका जाहिर हो रही है कि अपराधियों ने लूट के इरादे से दुकान खुलवाई और जब दुकानदार ने विरोध किया या पहचान लिया तो चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर अपराधी फरार हो गए। हालांकि दुकान से किसी तरह की चोरी की बात सामने नहीं आ रही है।

धारदार हथियार से रेता गया गला

मृतक के स्वजनों की मानें तो सुरेश साव रात में अपनी दुकान में ही सोते थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों की सूचना पर नौबतपुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। बड़ी संख्या में पुलिस कैंप कर रही है। वारदात को लेकर पूछताछ की जा रही है। हत्या क्यों की गई? ये अभी साफ नहीं हो सका है। हालांकि पुलिस जल्द ही हत्या के उदभेदन का दावा कर रही है। 

नौबतपुर थाने की पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रथम दृष्टया लूट के दौरान हत्या करने की बात सामने आ रही है। मृतक का गला चाकू या किसी धारदार हथियार से रेता हुआ है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पटना में खून के काले कारोबार का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड और गिरोह का एजेंट चढ़ा पुलिस के हत्थे

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना | जिले के जक्कनपुर थाने पोस्टल पार्क खासमहाल इलाका स्थित एक छोटे से कमरे में चल रहे मानव खून के काले कारोबार का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जक्कनपुर पुलिस ने शनिवार को छापा मारकर इस गिरोह के सरगना संतोष कुमार और एजेंट सोनू को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही खून से भरे चार ब्लड बैग भी बरामद किए गए हैं। छह महीने से दोनों यहां रहकर खून की खरीद-बिक्री कर रहे थे।

जक्कनपुर थानेदार मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि प्रथमदृष्टया पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि दोनों के तार कई निजी अस्पतालों से जुड़े हैं। छापे के दौरान कई डोनर भी पकड़े गए, जिन्हें पैसे का लालच देकर खून निकलवाने लाया गया था। दूसरी ओर पुलिस मानव खून की खरीद-बिक्री में शामिल दूसरे लोगों की तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापे मार रही है। 

एक की जगह दो यूनिट निकाल लेते थे खून 

खून की खरीद-बिक्री का धंधा करने वाले एक यूनिट खून निकालने की बात कहकर डोनरों को कमरे तक लाते थे। फिर धोखे से एक की जगह दो यूनिट खून निकाल लेते थे और उन्हें भनक तक नहीं लग पाती थी। खून लेने के तुरंत बाद सरगना संतोष डोनर को आयरन कैप्सूल खिला देता था। फिर कुछ ही दिनों बाद वह डोनर दोबारा खून देने पहुंच जाता था। कई बार डोनरों की तबीयत तक बिगड़ जाती थी।

बिना जांचे खून खरीद लेते थे अस्पताल मालिक 

कुछ निजी अस्पतालों के मालिक बिना जांच ही ऐसे लोगों से कम दाम पर खून खरीद लेते थे। उनकी साठगांठ संतोष और सोनू के साथ थी। दोनों रोज अस्पतालों में खून की सप्लाई करते थे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस टीम उन अस्पतालकर्मियों की तलाश कर रही है, जो अक्सर सोनू और संतोष से मिलने यहां आते थे। जिन निजी अस्पतालों में खून की खरीद-बिक्री करने वाला गैंग सक्रिय था, वहां भी कार्रवाई हो सकती है। 

एक हजार डोनर और 11 सौ एजेंट को मिलते थे 

खून खरीदने वाला संतोष डोनर को एक हजार रुपये तुरंत दे दिया करता था। सोनू भी पहले ब्लड डोनर था, जो बाद में संतोष के साथ जुड़ गया। वह खून देने वालों को रुपये का लालच देकर अपने अड्डे तक लाता था। एक डोनर को लाने के बदले उसे कमीशन के रूप में 11 सौ रुपये मिलते थे। वहीं, संतोष को एक यूनिट ब्लड के बदले 22 सौ रुपये का मुनाफा होता था। 

छोटे से कमरे में चल रहा था खेल 

जिस कमरे में खून की खरीद-बिक्री का खेल चल रहा था वह बेहद छोटा है। उसमें संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। सारे नियम-कानून को ताक पर रखकर खून निकाले जाते थे। खास बात यह है कि ब्लड बैग तक का इंतजाम सरगना ने कर रखा था, जबकि ब्लड बैग आम आदमी को देने की मनाही है। उसे लाइसेंसी ब्लड बैंक ही ले सकता है। 

इस गैंग को चिह्नित कर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। सह भी पता लगाया जा रहा है कि और कौन लोग खून की खरी-बिक्री के धंधे में शामिल थे। पुख्ता सबूत जुटाने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।- उपेंद्र शर्मा, एसएसपी

Thursday, February 18, 2021

पटना / सिविल इंजीनियर की फर्जी डिग्री जमा कर पा ली सरकारी नौकरी, अब खाएगा जेल की हवा

\
: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। राजधानी में फेक डिग्री जमाकर भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में सरकारी नौकरी पाने का मामला प्रकाश में आया है। शास्त्रीनगर थाने में गुरुवार को बीटेक की फर्जी डिग्री जमा कर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सहायक बंदोबस्त अधिकारी अशोक कुमार ने थाने में लिखित शिकायत की है।

शिकायत में उन्होंने बताया कि भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा विज्ञापन से संविदा पर विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी पद पर नियुक्ति के लिए सिविल इंजीनियर डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था। अन्य अभ्यर्थियों के साथ 14 जून 2019 को काउंसलिंग में सीतामढ़ी निवासी कुणाल किशोर वर्मा ने बीटेक का प्रोविजनल सर्टिफिकेट 2011, क्रमांक संख्या 062227 बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी का जमा किया था।

ऑनलाइन आवेदन में कुणाल किशोर ने काउंसलिंग में सर्टिफिकेट जमा की। सर्टिफिकेट की जांच के लिए बुंदेलखंड विवि झांसी को भेजा गया। जांच के बाद विवि ने कुणाल के उक्त क्रमांक संख्या के सर्टिफिकेट को फर्जी बताया। इसके बाद कुणाल के खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज किया गया। 

मामले को लेकर शास्त्रीनगर थाने के प्रभारी विमलेंदु कुमार ने बताया कि फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है। आरोपित कुणाल मूलरूप से सीतामढ़ी के बैरगनिया, बेंगही थाना क्षेत्र के मसहां नरोत्तम गांव निवासी ललन प्रसाद का बेटा है। 

भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में फर्जीवाड़े का भंडा फूटने से अधिकारी व कर्मचारी सकते में हैं। बताते चलें कि कुछ दिन पहले मुख्य सचिव ने एक बैठक में बड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। 

निदेशालय से मिले सूत्र के अनुसार फेक डिग्री जमाकर नौकरी पाने वाले के मामले का खुलासा होने से कई और की गर्दन फंस सकती है। कुछ और अभ्यर्थियों की डिग्री फर्जी हो सकती है। इसके लिए प्रमाण पत्र का सत्यापन किया जा रहा है। जैसे-जैसे खुलासा होगा अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज होने की बात सामने आ रही है।

Friday, February 12, 2021

हाजीपुर में पहले से चल रहे विवाद में 27 वर्षीय युवक को गोली मारी, आरोपित महिला गिरफ्तार

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना | हाजीपुर के बलिगांव थाना क्षेत्र के खोआजपुर बस्ती पंचायत के इमायदपुर गांव में वर्चस्व को लेकर पहले से चले आ रहे विवाद में युवक को गोली मार दी गई। गोली लगने से घायल पप्पू कुमार का इलाज महुआ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बलिगांव पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार रात 8 बजे के आसपास की हे। 

जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात इमायदपुर गांव के सिराजपुर पुलिया के पास वर्चस्व को लेकर हुई गोलीबारी में दसी गांव के 27 वर्षीय पप्पू कुमार को अपराधियों ने दो गोली मारी है। गोली की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण युवक को लेकर पातेपुर पीएचसी गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। उसे स्वजन महुआ स्थित एक नर्सिंग होम में ले गए जहां इलाज चल रहा है।

घायल पप्पू ने अस्पताल में बताया कि रात करीब आठ बजे खाना खाकर मुंशी चौक स्थित अपना मसाला की दुकान पर सोने जा रहा थे। सिराजपुर पुलिया के पास दो-तीन ग्रामीणों से बात करने लगा। तभी दो बाइक पर सवार गांव के ही धर्मेंद्र यादव, संजीत कुमार, बिजिंद्र कुमार उर्फ विजय राय, कलमेश कुमार, राजकुमार पहुंचे और गाली देते हुए ताबड़तोड़ फायरिग करने लगे। मैंने फायरिग से बचने का प्रयास किया लेकिन दो गोली लग गई।

गोली की आवाज सुनकर गांव के सैकड़ों लोग जुट गए और तत्काल घटना की सूचना बलिगांव थाने को दी गई। ग्रामीणों के अनुसार घायल युवक और आरोपित धर्मेंद्र यादव के बीच जमीन की मापी को लेकर झड़प हुई थी। तब से बार-बार उक्त आरोपित द्वारा गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी जा रही थी। 

पुलिस ने घायल पप्पू के बयान पर धर्मेंद्र यादव, संजीत कुमार, बिजिंद्र कुमार उर्फ विजय राय, कलमेश कुमार, राजकुमार, रीना देवी एवं मीनू देवी पर हत्या करने की नीयत से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए बलिगांव थाने में आवेदन दिया गया है। बलिगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोलीबारी एवं घटना की साजिश रचने में शामिल महिला रीना देवी को गिरफ्तार कर थाना लाई है। महिला से पुलिस पूछताछ कर रही है।

Wednesday, January 13, 2021

पटना : नौबतपुर में भूमि विवाद में युवक की धारदार हथियार से हत्या

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। नौबतपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर गाव में मंगलवार को भूमि विवाद में धारदार हथियार से वारकर युवक की हत्या कर दी गई। जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गोपालपुर निवासी रामनाथ सिंह के पुत्र रविशकर उर्फ बबलू सिंह के रूप में हुई। 

बताया जाता है कि गोपालपुर निवासी अमरनाथ सिंह एवं रविशकर उर्फ बबलू सिंह के बीच पिछले कुछ दिनों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच मंगलवार को अमरनाथ सिंह अपने खेत में चना की फसल काटने गए थे। जहा बबलू के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई और मारपीट होने लगी। अमरनाथ सिंह की ओर से भी कई लोग घटनास्थल आ धमके। इसी बीच किसी ने धारदार हथियार से बबलू के शरीर पर प्रहार कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। 

जख्मी अवस्था में उसे घर लाया गया। वहां से एक ऑटो पर लादकर इलाज़ के लिए रेफरल अस्पताल नौबतपुर लाया गया। चिकित्सक ने स्थिति गंभीर देख उसे एम्स रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना में शामिल आरोपितों के पाच संबंधियों को पूछताछ के लिए पुलिस थाने लाई। 

इस बाबत मृतक बबलू सिंह की पुत्री रूपम कुमारी ने बताया कि उसे हल्ला होने की आवाज सुनाई दी। बाहर गई तो देखा कि गाव के ही भूषण सिंह, निखिल कुमार, अमरनाथ सिंह, अंकित एवं आशीष उसके पिता के साथ मारपीट कर रहे हैं। जब मेरे पिता बुरी तरह जख्मी हो गए तब वे लोग वहां से भाग निकले। घटना के बाद से गाव में तनाव की स्थिति है। वहीं थानाध्यक्ष ने बताया कि छानबीन की जा रही है।

Tuesday, January 12, 2021

वारदात / बेटे ने 2 दोस्तों के साथ केला चुराया, पिता ने दोस्तों को जमकर पीटा, एक की मौत, गिरफ्तार

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना | हाजीपुर के चेहराकलां के कटहरा ओपी क्षेत्र के रसूलपुर फतह गांव में केला चोरी के बाद हुए विवाद में एक केला चोर के पिता की पिटाई से दूसरे केला चोर की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना से उग्र ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। घटना की सूचना पाकर महुआ एवं गोरौल थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हैं।

जानकारी के अनुसार गांव में मंगलवार की रात मिंटू भगत के 14 वर्षीय पुत्र, कमलेश सहनी का पुत्र एवं सलेमपुर डुमरिया गांव निवासी भानू राय के पुत्र ने मिलकर बगलगीर के बागान से केला का घौद काट लिया। पता चलने के बाद बाद बुधवार सुबह भानू ने बेटे के दोनों दोस्तों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इससे दोनों के परिजन व स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। घायल दोनों बच्चों को लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन रास्तें में ही मिंटू भगत के 12 वर्षीय पुत्र आदित्य की मौत हो गई। 

घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस 

इस घटना की सूचना मिलते ही कटहरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची बच्चें की पिटाई करने वाले सलेमपुर डुमरिया गांव निवासी भोनू राय को गिरफ्तार कर ली। लेकिन इस पुलिसिया कार्रवाई से ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ था। ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए मौके पर महुआ एवं गोरौल थाना से पुलिस बुलाई गई। एक साथ कई थाने की पुलिस को देख मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। 

इसी बीच ग्रामीण एवं पुलिस के बीच कहासुनी शुरू हो गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस वाहन पर तोड़-फोड़ शुरू कर दी। इस घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है। जिनका महुआ के एक नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है। 

मुख्य आरोपी गिरफ्तार है : ओपी अध्यक्ष 

इस संबंध में कटहरा ओपी अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से ही ग्रामीणों के भारी आक्रोश था। इसके बावजूद मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

Friday, March 20, 2020

पटना / नाबालिग के साथ छेड़खानी करते पकड़ा गया अधेड़, मां-बेटी ने सिर कूचकर ले ली जान

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के संपतचक के कनौजी टोला में शराब के नशे में नाबालिग के साथ छेडख़ानी कर रहे अधेड़ की ईंट से कूच-कूचकर हत्या कर दी गई। वारदात शुक्रवार की रात हुई। अधेड़ की पहचान कनौजी टोला निवासी रामइकबाल मांझी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। रामइकबाल की पत्नी चमेली देवी ने हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाली मां-बेटी पर लगाया है।

मृतक की पत्नी ने मां और बेटी पर लगाया हत्या का आरोप

थानेदार आलोक कुमार ने बताया कि एक पक्ष ने छेडख़ानी का और रामइकबाल की पत्नी के बयान पर मां-बेटी पर पीट-पीटकर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना के बाद से आरोपित मां-बेटी फरार है।

बकरी बांधने घर से निकली थी नाबालिग

जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़की बकरी बांधने के लिए देर शाम घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान शराब के नशे में राम इकबाल मांझी ने नाबालिग से छेडख़ानी करने लगा। बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनकर महिला वहां पहुंची और मां-बेटी ने मिलकर पहले तो लाठी-डंडे से हमला कर दिया। फिर ईंट से कूचकर राम इकबाल मांझी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान संपतचक पीएचसी में मौत हो गई। पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एनएमसी भेज दिया। रामइकबाल की पत्नी चमेली देवी ने बताया कि राम इकबाल पर छेडख़ानी का झुठा आरोप लगाकर हत्या की गई है। 

शराब के अवैध कारोबार का भी लगा आरोप

वहीं स्थानीय ग्रामीण व मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार ने बताया कि कनौजी टोला में खुलेआम शराब का कारोबार होता है। हत्या का आरोपित रंजू देवी का पति रंजीत मांझी पहले भी शराब कारोबार में जेल जा चुका है। राम इकबाल मांझी की हत्या के पीछे शराब कारोबार ही मुख्य कारण है।
Showing posts with label पटना न्यूज़. Show all posts
Showing posts with label पटना न्यूज़. Show all posts

Thursday, April 15, 2021

बिहार के मंत्री ने सुनी स्वाति पराशर की गुहार, दिलाया न्याय का भरोसा, डीएम को भी दिया निर्देश

 

पटना | स्वीडन से स्वाति पराशर ने ट्विटर के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मदद मांगी है। उनकी जमीन पर लाल झंडे लिए कुछ लोगों ने जबरन अतिक्रमण कर लिया है। जब पुलिस उसे हटाने के लिए पहुंची तो लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और लाठी से वार किया। इसके बाद स्वाति ने सीएम से न्याय की गुहार लगाई थी। अब बिहार के मंत्री और जदयू नेता संजय कुमार झा ने उन्हें न्याय दिलाए जाने का भरोसा दिया है।

स्वाती के ट्वीट का जवाब देते हुए मंत्री संजय कुमार झा ने लिखा, 'स्वाति जी, आपका मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है। मैंने मधुबनी के डीएम श्री अमित कुमार से बात की है और उनसे इस पर गौर करने को कहा है।' 

इसका जवाब देते हुए स्वाति ने लिखा, 'ऐसा जन प्रतिनिधियों को आम लोगों को आश्वस्त करने के लिए करना चाहिए कि उन्हें सुना जा रहा है। थोड़ी राहत महसूस हुई। धन्यवाद संजय कुमार झा।'

स्वाति के पिता से जुड़ा मामला क्या है

स्वाति के पिता अरविंद झा मधुबनी के अपने पैतृक गांव लौटे हैं। उनके साथ उनके बेटे जो दिल्ली की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते थे, वो भी नौकरी छोड़कर गांव आ गए हैं। दोनों पिता-पुत्र पुश्तैनी जमीन पर ऑर्गेनिक फार्मिंग और मखाने का कारोबार शुरू करना चाहते हैं। इसके जरिए वे स्थानीय लोगों को रोजगार देना चाहते हैं। पंडौल में उनकी लगभग 10 एकड़ जमीन है। इसपर दबंगों ने कब्जा कर रखा है।

कौन हैं प्रोफेसर स्वाति पराशर

स्वाति पराशर की परवरिश रांची में हुई है क्योंकि उनके पिता वहां पदस्थापित थे। हालांकि उनका जन्म मधुबनी जिले में ही हुआ है। वे इन दिनों स्वीडन के गोथेनबर्ग यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। स्वाति स्कूल ऑफ ग्लोबल स्टडीज में शांति और विकास विषय पढ़ाती हैं। इससे पहले वे आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में पढ़ाती थीं। इसके अलावा वे कई मुद्दों पर स्टोरी लिखती रहती हैं खासकर की महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर।


Saturday, April 10, 2021

भोजपुर में गांव की ही 2 महिलाओं ने फुसलाकर अपहरण किया, फिर पटना ले जाकर बेच दिया

 

पटना | भोजपुर जिले के गजराजगंज ओपी क्षेत्र के एक गांव में गांव की ही दो महिलाओं ने महज चंद रुपयों के लिए अपने ही गांव की किशोरी का अपहरण कर उसे बेच दिया। दोनों ने किशोरी को बहला-फुसला कर उसे पटना में ले जाकर एक युवक को बेच दिया था। युवक ने किशोरी से जबरन शादी रचा ली। किशोरी के पिता ने दोनों महिलाओं के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपित दोनों महिलाओं दिव्यांशी देवी और मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों बहनें हैं। दोनों की निशानदेही पर एक युवक भोलू यादव को भी गिरफ्तार किया गया।

भोलू यादव और दिव्यांशी देवी पटना के बक्शी नगर में रहते थे। दोनों महिलाओं ने अगवा कर किशोरी को भोलू यादव को सौंप दिया था। भोलू ने इसके एवज में दोनों महिलाओं को कुछ रकम भी दी थी। हालांकि रकम कितनी दी गई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। भोलू ने किशोरी से जबरन पटना स्थित एक मंदिर में शादी रचाई और शादी के बाद किशोरी को घर में जबरन बंद कर दिया।

इधर, पीड़ित किशोरी के पिता ने बताया कि दोनों महिलाएं उसे मौसी के घर ले जाने को कह कर ले गईं और उसे पटना में बेच दिया, जबकि उसकी मौसी आरा जिले में ही रहती है। पिता ने दोनों महिलाओं पर उसकी जबरन शादी करवाने एवं शादी करने वाले आरोपी युवक पर उसके साथ गलत काम करने का भी आरोप लगाया है।

गिरफ्तार तीनों लोगों को जेल भेज दिया गया है और किशोरी को भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस पीड़ित किशोरी को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले गई है। इस मामले में SP हर किशोर राय ने अपहरण करने के मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पीड़ित किशोरी के पिता द्वारा दोनों महिलाओं के खिलाफ अपहरण करने का आरोप लगाया गया था जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी महिलाओं एवं उसके साथ शादी करने वाले आरोपी पुरुष को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शिवरात्रि पर हुए विवाद के चलते पटना में युवक की चाकू से गोदकर हत्या

 

पटना | आलमगंज थाना क्षेत्र के बड़ी पटनदेवी मंदिर के पास पंचवटी कॉलोनी में शुक्रवार की रात बदमाशों ने एक युवक की चाकू मार कर हत्या कर दी। मृतक की पहचान कंकड़बाग थाना क्षेत्र में रहने वाला मुकेश चौधरी (20 वर्षीय) के रूप में हुई है। वह चैलीटाल स्थित ननिहाल आया हुआ था। 

घटना की जानकारी मिलते ही आलमगंज पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एनएमसी भेज दिया। आसपास के लोगों ने बताया कि शुक्रवार की शाम मुकेश ननिहाल से निकलकर पंचवटी कॉलोनी पहुंचा। यहां पहले से मौजूद बदमाशों ने उसके सीने में चाकू मार दी। वह खून से लतपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना को अंजाम देकर बदमाश गली के रास्ते भाग निकले। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से उसे गंभीर स्थिति में इलाज के लिए एनएमसीएच ले गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

पुलिस का कहना है कि परिजनों ने बताया कि टकला और बलवा से शिवरात्रि के दिन किसी बात को लेकर मुकेश का झगड़ा हुआ था। इसी को लेकर मुकेश की हत्या की गयी है। आलमगंज थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि आरोपितों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। शीघ्र ही आरोपितों की गिरफ्तार होगी। डीएसपी अमित शरण ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर छानबीन की।       

पटना में फंदा डालकर युवती ने की आत्महत्या

 

पटना | बहादुरपुर थाना क्षेत्र के बकरी मंडी के पास गले में फंदा डालकर एक युवती ने आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया। 

मेहंदीगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले शिवकुमार सिंह की 23 वर्षीय बेटी अंजू भारती बहादुरपुर बकरी मंडी के पास किराए का मकान लेकर रहती थी। वह यहां रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह मूलरूप से आरा की रहने वाली थी। सोमवार को उसके कमरे से बदबू आने पर मकान मालिक को शंका हुई। अनहोनी की आशंका से आसपास के लोग जुट गए और अंदर से बंद कमरे में झांका गया तो अंजू पंखा में फंदा डालकर झूलती दिखी। 

इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एनएमसी भेज दिया। बहादुरपुर थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस यूडी केस दर्ज कर घटना की छानबीन कर रही है। परिजनों ने किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं करायी है।

Friday, April 9, 2021

बिहटा में पांच साल की बच्ची से चाचा ने किया दुष्कर्म, पीड़िता की हालत गंभीर, आराेपी गिरफ्तार

 

पटना | बिहटा थाने के एक गांव में एक वहशी ने पड़ोस की रहने वाली 5 वर्षीया भतीजी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने उसका मेडिकल कराया है। घटना दो दिन पहले की है। पीड़ित बच्ची को उसका किशाेर चाचा बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची को खून से लथपथ छोड़ वह भाग गया, जिसके बाद उसके परिजन अस्पताल लेकर गए। दो दिन तक चले इलाज के बाद उसकी हालत कुछ सामान्य हुई। इसके बाद उसके परिजन थाने पहुंचे।

इस दौरान आराेपी पुलिस में शिकायत करने पर परिजनों को अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 

थानाध्यक्ष अवधेश कुमार झा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पॉक्साे के तहत कार्रवाई की जाएगी।

Thursday, April 8, 2021

पटना में बाईपास पर ट्रक ने युवक को रौंदा ०: घर से ऑफिस के लिए निकले युवक को हॉस्पिटल कोर्ट के पास तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला; मौके पर ही मौत

 

पटना | बाईपास पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को कुचल डाला। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान हरनौत गांव निवासी जयराम प्रसाद के पुत्र विनय कुमार के रूप में की गई है। हादसे की वजह से NH-30 पर आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया। इसके बाद वे पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।2 घंटे बाद जाम खत्म कराया गया। गुस्साए लोगों को पुलिस ने समझा-बुझा कर शांत कराया। पटना सदर के BDO मौके पर पहुंचे और मृतक के परिवार को सरकारी तौर पर सरकारी मदद उपलब्ध कराया। सरकार की तरफ से मिलने वाली सहायता राशि देने के बाद ही लोगों ने जाम खत्म किया।

प्राइवेट कंपनी में काम करते थे विनय

विनय हरनौत गांव के रहने वाले थे, लेकिन प्राइवेट कंपनी में काम करने के कारण वह शाहपुर में रहने लगे थे। वहीं, जमीन लेकर उन्होंने नया मकान भी बनाया था। उनके पिता जयराम प्रसाद अभी भी हरनौत में खेती-बाड़ी करते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनका एक 6 साल का बेटा और 7 साल की बेटी भी है, जो तीसरी क्लास में पढ़ती है।

नाश्ता करके काम के लिए निकले थे

घरवालों ने बताया कि सोमवार सुबह वह नाश्ता करके बाईपास के समीप स्थित अपने ऑफिस के लिए बाइक से निकले थे। कुछ देर बाद ही घटनास्थल से लोगों ने हादसे में मौत की सूचना दी। हादसा इतना भीषण था कि विनय अपनी बाइक से हवा में उछाल खाते हुए जमीन पर गिरे और उन्होंने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोग दौड़कर मदद को पहुंचे, लेकिन विनय की सांसें तब तक बंद हो चुकी थीं।

आक्रोशित लोग कर रहे प्रदर्शन

मौत से आक्रोशित लोग सड़क पर उतर आए हैं। वे पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। उनका कहना है कि ना तो ट्रैफिक पुलिस ऐसे मामलों में कुछ करती है और ना ही कहीं तैनात ही रहती है। लगभग 1 घंटे बीत जाने के बाद भी रामकृष्णा नगर थाना सहित आसपास के थाना के पुलिस और पदाधिकारी मामले को शांत कराने पहुंचे लेकिन लोग नहीं माने। पटना सदर के BDO के मौके पर पहुंचने के बाद ही जाम को खत्म करवाया जा सका।

Wednesday, April 7, 2021

रूपेश हत्याकांड: रोडरेज में इंडिगो मैनेजर की हत्या की बात दोहराई, आमने-सामने बैठाकर आरोपितो से की गई पूछताछ

 

पटना | इंडिगो मैनेजर रूपेश सिंह हत्याकांड में रिमांड पर लिये गये आरोपित सौरभ और पुष्कर उर्फ छोटू से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। पुलिस ने दोनों से कुल 12 सवाल दागे, जिनमें दोनों हत्याकांड के मुख्य आरोपित रितुराज से कब मिले, वारदात के बाद कहा गये। रितुराज की गिरफ्तारी के बाद से वह वह कहां कहां छिपे। 

कौन शरणदाता रहा आदि गंभीर प्रश्न शामिल रहे। 

सूत्रों की मानें तो दोनों ने रोडरेज में इंडिगो मैनेजर की हत्या किये जाने की बात कही। यही नहीं दोनों के जवाब एक-दूसरे से मिलते रहे। बताया हत्याकांड का मास्टरमाइंड रितुराज ही रहा है। इंडिगो के एयरपोर्ट मैनेजर रूपेर्श ंसह हत्याकांड मामले में शास्त्रीनगर थाने की पुलिस जेल भेजे गए रितुराज के साथी पुष्कर उर्फ छोटू और सौरभ को तीन दिनों के लिए रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस सौरभ को सोमवार और पुष्कर को मंगलवार को रिमांड पर लेकर थाने में आई। दोनों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाली बात कही। रितुराज, सौरभ और पुष्कर के साथ चौथे साथी के बारे में भी अहम जानकारी दी। 

तस्वीर भी पुलिस के हाथ लगी 

पूछताछ में यह बातें भी सामने आई कि रूपेश की हत्या के बाद सौरभ और पुष्कर भी रितुराज के साथ बिहार से बाहर फरार हो गए थे। उन चारों की तस्वीर भी पुलिस के हाथ लगी है। एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि दोनों से पूछताछ की जा रही है। इन सभी के खिलाफ ठोस साक्ष्य हैं। 

रूपेश हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस ने सबसे पहले मुख्य आरोपित रितुराज को रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उसके पास से पिस्टल, बाइक सहित वारदात के समय पहने हुए कपड़े को भी बरामद किया। पूछताछ में उसने अपने साथी सौरभ, पुष्कर सहित एक अन्य का नाम उजागर किया था। पुलिस ने वारदात के 50 दिनों बाद रितुराज के दूसरे साथी शूटर सौरभ कुमार को कुम्हरार इलाके से गिरफ्तार कर लिया। 

उससे पूछताछ के बाद पुलिस पुष्कर के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी कि इसी बीच उसने सोमवार को सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। सोमवार को ही पुलिस सौरव को तीन दिनों के लिए रिमांड लेने के लिए आवेदन समर्पित किया था। साथ ही पुष्कर को दो दिनों के लिए रिमांड के लिए आवेदन समर्पित किया गया था। सौरभ को तीन दिनों और पुष्कर को दो दिनों के लिए रिमांड लिया गया है ताकि कुछ पता लगाया जा सके।


Monday, April 5, 2021

रांची में निर्भया केस में मौत की सजा पाए दोषी को पटना में नाबालिग से रेप में मिली ताउम्र कैद की सजा

 

पटना | कंकड़बाग में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले मेंं दोषी को पॉक्सो एक्ट के तहत जिंदगीभर यानी ता-उम्र कैद की कड़ी सजा सुनायी है जबकि रांची में हुए दुष्कर्म के एक मामले में इस अभियुक्त को पहले ही मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। पटना पॉस्को कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार ने शनिवार को नालंदा के एकंगरसराय के रहने वाले राहुल कुमार उर्फ राहुल श्रीवास्वाव उर्फ राज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

पॉक्सो कोर्ट ने गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और रांची सीबीआई कोर्ट द्वारा दिए गए मौत की सजा के फैसले में दिए गए साक्ष्य को देखते हुए दोषी राहुल कुमार को आदतन अपराधी माना है। दोषी राहुल कुमार दया का पात्र नहीं है। वह समाज में रहने लायक नहीं है। इसलिए जबतक जिंदा रहेगा तब तक उसे जेल में कैद रहने की सजा दी गई है। पॉक्सो कोर्ट ने इसके अलावा चोरी, दुष्कर्म आईटी एक्ट के तहत दोषी राहुल कुमार को 4 लाख 20 हजार रुपया जुर्माना की भी सजा दी है। वहीं, दूसरी ओर पॉक्सो कोर्ट ने इस कांड की पीड़िता को 15 लाख रुपया आपराधिक क्षतिपूर्ति नियम के तहत मुआवजा जिला विधिक प्राधिकार को देने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने फैसले की प्रति डीएम को भी भेजने का आदेश दिया है।

कंकड़बाग की एक नाबालिग स्कूली छात्रा को घर में अकेला देखकर उसके घर में चोरी करने घुस गया और रूम में अकेला देखकर उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने का प्रयास किया। साथ ही नाबालिग छात्रा का नग्न फोटो भी मोबाइल से खींच लिया। जब नाबालिग ने हल्ला किया तब घर के परिवार वाले जाग गए और वह भाग गया था। बाद में महिला थाने की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस ने चार्जशीट दायर किया था। इसी मामले में पॉस्को कोर्ट ने शनिवार को दोषी अभियुक्त राहुल कुमार को सजा दी है। यह आपराधिक घटना महिला थाने में 21/2013 दर्ज किया गया था। अभियोजन की ओर से इस मामले में 11 अभियोजन गवाह और 12 साक्ष्य पेश किये गये थे। 

अभियोजन की ओर से स्पेशल लोक अभियोजक सुरेशचन्द्र प्रसाद ने बताया कि सजा पाए राहुल कुमार उर्फ राज श्रीवास्तव को रांची के चर्चित दुष्कर्म कांड में रांची की सीबीआई विशेष कोर्ट ने 20 दिसंबर 2019 को दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में  सजा-ए मौत की सजा मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि सजा पाए राहुल कुमार हार्डकोर क्रिमिनल है और वह राहुल कुमार उर्फ राहुल राज उर्फ राहुल श्रीवास्तव उर्फ रॉकी उर्फ आर्यन उर्फ अंकित नाम से भी चर्चित है। पटना जिले की स्पीडी ट्रायल की प्रभारी इंस्पेक्टर उमा सिंह ने बताया कि रॉची में छात्रा का रेप कर उसकी निर्मम हत्या कर दी और आग लगाकर लाश को जलाने का प्रयास किया था। इस कांड में रॉची सीबीआई कोर्ट ने राहुल कुमार को मौत की सजा दी है।  06 (एस)  2018 आपराध की धारा 302,376,201, धारा में 20 दिसंबर 2019 को सजा हुई है। रांची शहर सदर थाने में केस दर्ज हुआ था, जिसका नंबर 534 /2016 है। 

राहुल पर दर्ज मामले

पटना: बताया गया है कि अभियुक्त राहुल कुमार के खिलाफ पटना में 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें तीन कंकड़बाग, एक बेऊर और एक महिला थाने में दर्ज है जो वर्ष 2012 और 2013 का है। 

हिलसा: न्यायिक हिरासत से राहुल फरार हुआ था। इस मामले में एकंगरसराय थाने में केस दर्ज हुआ था। कांड संख्या 127/2016  दिनांक 26 नवंबर 2016 है। वर्ष 2013 में महिला थाने की पुलिस ने राहुल कुमार को रेप, हत्या का प्रयास और चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। जमानत नहीं मिलने की वजह से जेल में था। वह अपने चाचा के श्राद्ध में शामिल होने के लिए अपने घर एकंगरसराय गया था वहां से पुलिस हिरासत से भाग गया।

रांची: यहां के दुष्कर्म और हत्या मामले में उसे मौत की सजा हुई है।

लखनऊ: लखनऊ के हसनगंज थाने में 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हार्डकोर अपराधी को पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल और मोबाइल के साथ वर्ष 2013 में गिरफ्तार किया था तभी से वह बेऊर जेल में बंद था। उसके खिलाफ रेप, हत्या का प्रयास और चोरी का आपराधिक ट्रायल चल रहा था तभी सजा होने के डर से वह न्यायिक हिरासत से वर्ष 2016 में भाग गया था। अपराधी राहुल भाग कर रांची और लखनऊ में जाकर छुप गया और वही फिर से अपराध करने लगा। रांची में बड़ा अपराध करने के बाद वहां से लखनऊ भाग गया। 

Tuesday, March 23, 2021

फुलवारी-AIIMS रोड पर स्कूटी सवार महिला को कुचला, विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर किया बवाल, तोड़फोड़


पटना | फुलवारी- AIIMS रोड पर एक स्कूटी सवार महिला को ट्रक ने कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बाल्मी गेट के पास ट्रक ने महिला को टक्कर मार दी। हादसे के बाद लोग उग्र हो गए । आवाजाही को पूरी तरह से ठप कर दिया। गुस्से में लोगों ने तोड़फोड़ भी की। एक गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया। फुलवारी एम्स रोड पर गाड़ियों की लंबी लाइन करीब 2 घंटे तक लगी रही।

मायके में रहती थी महिला

मृतक युवती का नाम प्रतिभा कुमारी है। वो भुसौला दानापुर की रहनेवाली थी। 21 साल की प्रतिभा इंटर की छात्रा थी। 4-5 साल पहले उसने लव मैरिज शादी की थी। उसका तीन साल का बेटा है, जिसका नाम अनमोल राज है। पति के साथ महिला का विवाद चल रहा था। इस वजह से पति ने उसे छोड़ दिया था और वह मायके भुसौला में रहती थी। उसके परिजन मजदूरी का काम करते हैं। हादसे के बाद बेटे अनमोल राज को लेकर परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। लेकिन पति अभी तक नहीं पहुंचा है। उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार

हादसे के वक्त लड़की के साथ स्कूटी पर सद्दाम नाम का युवक भी बैठा हुआ था। परिजनों का कहना है कि उसने ही प्रतिभा को मरवाया है। हालांकि कई बार मृतका के पति पर भी हत्या करवाने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। 26 साल का सद्दाम भुसौला का ही रहनेवाला है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सद्दाम स्कूटी चला रहा था। उसे हल्की चोट आई है, लेकिन लड़की सड़क पर गिर गई और ट्रक ने कुचल दिया।

परिजन कर रहे हैं मुआवजे की मांग

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक वो पटना से कोर्ट का एग्जाम देकर भुसौला लौट रही थी। 4 बहनों में प्रतिभा ही पढ़ने-लिखने में सबसे तेज थी। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ अभी भी जुटी हुई है। CO और BDO मौके पर पहुंच गए हैं। परिजनों को 20 हजार की राशि दाह संस्कार के लिए दी गई है। BDO मोहम्मद जफरूद्दीन ने बताया कि सीनियर अफसरों से बातचीत करने के बाद 4 लाख की मुआवजा राशि के बारे में निर्णय लिया जाएगा। मृतका के पिता राम मनोहर ने बेटी प्रतिभा की मौत को लेकर FIR दर्ज नहीं कराई है।

Monday, March 22, 2021

फ्रॉडगिरी में कोलकाता से स्किन क्लीनिक का मालिक गिरफ्तार, पटना से गई थी पुलिस टीम

 

पटना | पुलिस ने कोलकाता में फ्रॉडगिरी के मामले में फरार चल रहे डॉ. पॉल एंड स्किन क्लीनिक के मालिक डॉ. विजय पॉल को गिरफ्तार किया है। इन्हें सड़क के रास्ते फोर व्हीलर गाड़ी से पटना लाया जा रहा है। रविवार को इस गिरफ्तारी की पुष्टि पटना पुलिस की तरफ से कर दी गई है। हालांकि इनका भाई डॉ. अभिजीत पॉल अभी भी फरार है। उसकी भी तलाश चल रही है। 

जिस मामले में डॉ. विजय पॉल को गिरफ्तार कर लाया जा रहा है वह 1.61 करोड़ रुपए की ठगी का है। इस मामले इन दोनों डॉक्टर भाई समेत कुल 6 लोग आरोपी हैं जिनमें डॉ. अभिजीत की पत्नी सुप्रिया पॉल और अभिजीत के PA अनूप कुमार बोस व कंपनी के डायरेक्टर गया नाथ दास शामिल हैं। ये चारों भी फरार हैं।

पत्नी और PA के ऊपर कोर्ट के आदेश पर अलग से हुआ केस

बड़े पैमाने पर रुपयों की ठगी के इस केस में डॉ. अभिजीत पॉल की पत्नी सुप्रिया पॉल और अनुप कुमार बोस ने सबसे पहले पटना सिविल कोर्ट में अपनी जमानत याचिका दायर की थी जहां से वह खारिज हो गया था। इसके बाद इन दोनों की अपील पर सुनवाई करते हुए जनवरी 2020 में इन्हें पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लेकन, असलियत कुछ दिनों के बाद सामने आई। दरअसल, सुप्रिया और अभिजीत के PA का बेलर ही फर्जी निकला। सरकारी वकील के जरिए कोर्ट को इस बात का पता चला जिसके बाद हाईकोई ने सबसे पहले बेलर को कोर्ट में मौजूद होने का सम्मन जारी किया। जब बेलर नहीं आया तो ठगी के केस के अलावा फर्जी बेलर के मामले में इन दोनों के ऊपर कोर्ट के आदेश पर पहले एक नोटिस किया गया था, फिर अलग से एक केस दर्ज किया गया।

कंपनी की फ्रेंचाइची के नाम पर ठगे थे रुपए

डॉ. विजय पॉल और डॉ. अभिषेक पॉल कुछ साल पहले पटना के ही नागेश्वर कॉलोनी में रहा करते थे। दोनों भाई मिलकर पॉल्स मल्टी स्पेशियालिटी क्लीनिक प्राइवेट लीमिटेड नाम की कंपनी चलाते थे। अभिजीत से जय माता दी इन कॉरपोरेशन के डायरेक्टर देव ज्योति की दोस्ती थी। कंपनी के फ्रेंचाइजी के नाम पर काफी सारे रुपए देव ज्योति ने दिए थे। इसके लिए 2013 में इन दोनों के बीच एक एग्रिमेंट भी बना था। ब्रांडिंग और कंपनी के डेवलपमेंट पर देव ज्योति ने करीब 4 करोड़ रुपया खर्च कर दिया था। लेकिन, एक साल बाद ही सबकुछ बदल गया। 2018 में एक नया एग्रिमेंट हुआ जिसमें कारोबार से देव ज्योति हट गए थे। पूरा हिसाब करने के बाद 1.61 करोड़ रुपया डॉ. अभिजीत पॉल और इसके भाई को लौटाना था। 

मगर, ऐसा हुआ नहीं। इसके बाद ही 2019 में देव ज्योति के बयान पर पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना में कुल 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। इसमें इन दोनों भाइयों के साथ ही अभिजीत की पत्नी सु्प्रिया पॉल, PA अनुप बोस, राजू कुमार और इनकी कंपनी के डायरेक्टर गया नाथ दास शामिल हैं। आरोप है कि इसी पुलिस की कार्रवाई के डर से ये सभी पटना छोड़कर कोलकाता के दमदम के मातीझील एवेन्यु इलाके में शिफ्ट कर गए थे। यहीं से अब पटना पुलिस ने डॉ. विजय पॉल को गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं।

Sunday, March 21, 2021

बिहटा में पांच साल की बच्ची से चाचा ने किया दुष्कर्म, आराेपी गिरफ्तार

 

पटना | बिहटा थाने के एक गांव में एक वहशी ने पड़ोस की रहने वाली 5 वर्षीया भतीजी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने उसका मेडिकल कराया है। घटना दो दिन पहले की है। 

पीड़ित बच्ची को उसका किशाेर चाचा बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची को खून से लथपथ छोड़ वह भाग गया, जिसके बाद उसके परिजन अस्पताल लेकर गए। दो दिन तक चले इलाज के बाद उसकी हालत कुछ सामान्य हुई। इसके बाद उसके परिजन थाने पहुंचे।

इस दौरान आराेपी पुलिस में शिकायत करने पर परिजनों को अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 

थानाध्यक्ष अवधेश कुमार झा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पॉक्साे के तहत कार्रवाई की जाएगी।


खेसारी लाल व अक्षरा सिंह के कार्यक्रम में बवाल, गाड़ियों के शीशे तोड़े, फोरलेन किया जाम, शो छोड़कर भागे भोजपुरी स्टार


पटना | फतुहा के सुकुलपुर स्थित छपाक वाटर पार्क के पास रविवार को जमकर बवाल हुआ। लोगों ने कई वाहनों के शीशे फोड़ डाले और फोरलेन को जाम कर दिया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय पुलिस ने असामाजिक तत्वों पर काबू पाया। दरअसल, छपाक वाटर पार्क में रविवार को भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव और एक्ट्रेस अक्षरा सिंह का कार्यक्रम आयोजित था। भारी बवाल को देखते हुए उक्त कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। 

कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है था कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मुझे इस कार्यक्रम की अनुमति मिल चुकी थी लेकिन दूसरी ओर थानाध्यक्ष का कहना था कि कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी नहीं है, सिर्फ फिल्म की शूटिंग की बात कही गई थी। गौरतलब हो कि रविवार को पटना के छपाक वाटरपार्क में होली के रंग, खेसारी और अक्षरा के संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में हीरो खेसारी लाल यादव और हीरोइन अक्षरा सिंह आने वाली थीं। शिवंता एंटरटेनमेंट की ओर से इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया था। 

आयोजकों ने बताया कि जबरदस्त हंगामे के बाद कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि बवाल की सूचना पर खेसारी लाल यादव और अक्षरा सिंह कार्यक्रम छोड़कर भाग गईं और इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने से दोनों ने मना कर दिया। विदित हो कि दोनों एक्टर और एक्ट्रेस ने खुद सोशल मीडिया में अपना वीडियो शेयर कर लोगों को आमंत्रण दिया था, जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण से कार्यक्रम स्थल पर क्षमता से ज्यादा लोग पहुंच गए और जमकर बवाल काटा। 


Thursday, March 18, 2021

पटना के कंकड़बाग में युवती ने की आत्महत्या, छह मंजिला अपार्टमेंट से लगाई छलांग

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। ल़ॉकडाउन के दौरान बिहार की राजधानी से बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार की सुबह कंकड़बाग की आरएमएस कॉलोनी में एक युवती ने आत्महत्या कर ली। उसने कॉलोनी के छह मंजिला जमुना अपार्टमेंट की छत से नीचे छलांग लगा दी। इससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई है। 

बताया जाता है कि मृतका इलाके में दाई का काम करती थी। कई दिनों से परेशान थी। सूचना मिलने पर कंकड़बाग थाने की पुलिस मामले की छानबीन करने के लिए पहुंच गई है। युवती ने अपनी जान क्यों ली? ये अभी साफ नहीं हो सका है।

मंगलवार की सुबह-सुबह हुए हादसे के बाद कंकड़बाग के आरएमएस कॉलोनी के पास अफरातफरी मच गई। युवती के छह मंजिला अपार्टमेंट से नीचे गिरने के बाद काफी देर लोग समझ ही नहीं पाए कि हुआ क्या है। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लगे लॉकडाउन के बावजूद भी बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास इकत्रित हो गए। 

काफी देर गहमगहमी के बीच किसी ने पुलिस को युवती के छत से छलांग लगाने की सूचना दे दी। जानकारी होने पर पहुंची कंकड़बाग थाने की पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

Saturday, February 20, 2021

पटना में बड़ी वारदातः नौबतपुर में दुकान के अंदर घुसकर अपराधियों ने व्यवसायी का रेता गला

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। एक ओर जहां राजधानीवासी कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में रहना मुनासिव समझ रहे तो अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब हो जा रहे हैं। नौबतपुर थाना क्षेत्र के लोग घट रही आपराधिक घटनाओं को लेकर परेशान हैं। क्षेत्र के लोग एक वारदात को भूल नहीं पाते कि दूसरी को बदमाश अंजाम दे देते हैं। शनिवार की सुबह इलाके में गला रेतकर हत्या की खबर मिलने से सनसनी मच गई है।

दुकान के अंदर मिला खून से लथपथ शव

शुक्रवार की देर रात नौबतपुर के चर्रा गांव में किराना दुकान में दुकानदार सुरेश साव (57) की खून से लथपथ लाश देख लोगों के होश उड़ गए। दुकान के अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। जिससे ऐसी आशंका जाहिर हो रही है कि अपराधियों ने लूट के इरादे से दुकान खुलवाई और जब दुकानदार ने विरोध किया या पहचान लिया तो चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर अपराधी फरार हो गए। हालांकि दुकान से किसी तरह की चोरी की बात सामने नहीं आ रही है।

धारदार हथियार से रेता गया गला

मृतक के स्वजनों की मानें तो सुरेश साव रात में अपनी दुकान में ही सोते थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों की सूचना पर नौबतपुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। बड़ी संख्या में पुलिस कैंप कर रही है। वारदात को लेकर पूछताछ की जा रही है। हत्या क्यों की गई? ये अभी साफ नहीं हो सका है। हालांकि पुलिस जल्द ही हत्या के उदभेदन का दावा कर रही है। 

नौबतपुर थाने की पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रथम दृष्टया लूट के दौरान हत्या करने की बात सामने आ रही है। मृतक का गला चाकू या किसी धारदार हथियार से रेता हुआ है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पटना में खून के काले कारोबार का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड और गिरोह का एजेंट चढ़ा पुलिस के हत्थे

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना | जिले के जक्कनपुर थाने पोस्टल पार्क खासमहाल इलाका स्थित एक छोटे से कमरे में चल रहे मानव खून के काले कारोबार का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जक्कनपुर पुलिस ने शनिवार को छापा मारकर इस गिरोह के सरगना संतोष कुमार और एजेंट सोनू को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही खून से भरे चार ब्लड बैग भी बरामद किए गए हैं। छह महीने से दोनों यहां रहकर खून की खरीद-बिक्री कर रहे थे।

जक्कनपुर थानेदार मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि प्रथमदृष्टया पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि दोनों के तार कई निजी अस्पतालों से जुड़े हैं। छापे के दौरान कई डोनर भी पकड़े गए, जिन्हें पैसे का लालच देकर खून निकलवाने लाया गया था। दूसरी ओर पुलिस मानव खून की खरीद-बिक्री में शामिल दूसरे लोगों की तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापे मार रही है। 

एक की जगह दो यूनिट निकाल लेते थे खून 

खून की खरीद-बिक्री का धंधा करने वाले एक यूनिट खून निकालने की बात कहकर डोनरों को कमरे तक लाते थे। फिर धोखे से एक की जगह दो यूनिट खून निकाल लेते थे और उन्हें भनक तक नहीं लग पाती थी। खून लेने के तुरंत बाद सरगना संतोष डोनर को आयरन कैप्सूल खिला देता था। फिर कुछ ही दिनों बाद वह डोनर दोबारा खून देने पहुंच जाता था। कई बार डोनरों की तबीयत तक बिगड़ जाती थी।

बिना जांचे खून खरीद लेते थे अस्पताल मालिक 

कुछ निजी अस्पतालों के मालिक बिना जांच ही ऐसे लोगों से कम दाम पर खून खरीद लेते थे। उनकी साठगांठ संतोष और सोनू के साथ थी। दोनों रोज अस्पतालों में खून की सप्लाई करते थे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस टीम उन अस्पतालकर्मियों की तलाश कर रही है, जो अक्सर सोनू और संतोष से मिलने यहां आते थे। जिन निजी अस्पतालों में खून की खरीद-बिक्री करने वाला गैंग सक्रिय था, वहां भी कार्रवाई हो सकती है। 

एक हजार डोनर और 11 सौ एजेंट को मिलते थे 

खून खरीदने वाला संतोष डोनर को एक हजार रुपये तुरंत दे दिया करता था। सोनू भी पहले ब्लड डोनर था, जो बाद में संतोष के साथ जुड़ गया। वह खून देने वालों को रुपये का लालच देकर अपने अड्डे तक लाता था। एक डोनर को लाने के बदले उसे कमीशन के रूप में 11 सौ रुपये मिलते थे। वहीं, संतोष को एक यूनिट ब्लड के बदले 22 सौ रुपये का मुनाफा होता था। 

छोटे से कमरे में चल रहा था खेल 

जिस कमरे में खून की खरीद-बिक्री का खेल चल रहा था वह बेहद छोटा है। उसमें संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। सारे नियम-कानून को ताक पर रखकर खून निकाले जाते थे। खास बात यह है कि ब्लड बैग तक का इंतजाम सरगना ने कर रखा था, जबकि ब्लड बैग आम आदमी को देने की मनाही है। उसे लाइसेंसी ब्लड बैंक ही ले सकता है। 

इस गैंग को चिह्नित कर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। सह भी पता लगाया जा रहा है कि और कौन लोग खून की खरी-बिक्री के धंधे में शामिल थे। पुख्ता सबूत जुटाने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।- उपेंद्र शर्मा, एसएसपी

Thursday, February 18, 2021

पटना / सिविल इंजीनियर की फर्जी डिग्री जमा कर पा ली सरकारी नौकरी, अब खाएगा जेल की हवा

\
: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। राजधानी में फेक डिग्री जमाकर भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में सरकारी नौकरी पाने का मामला प्रकाश में आया है। शास्त्रीनगर थाने में गुरुवार को बीटेक की फर्जी डिग्री जमा कर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सहायक बंदोबस्त अधिकारी अशोक कुमार ने थाने में लिखित शिकायत की है।

शिकायत में उन्होंने बताया कि भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा विज्ञापन से संविदा पर विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी पद पर नियुक्ति के लिए सिविल इंजीनियर डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था। अन्य अभ्यर्थियों के साथ 14 जून 2019 को काउंसलिंग में सीतामढ़ी निवासी कुणाल किशोर वर्मा ने बीटेक का प्रोविजनल सर्टिफिकेट 2011, क्रमांक संख्या 062227 बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी का जमा किया था।

ऑनलाइन आवेदन में कुणाल किशोर ने काउंसलिंग में सर्टिफिकेट जमा की। सर्टिफिकेट की जांच के लिए बुंदेलखंड विवि झांसी को भेजा गया। जांच के बाद विवि ने कुणाल के उक्त क्रमांक संख्या के सर्टिफिकेट को फर्जी बताया। इसके बाद कुणाल के खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज किया गया। 

मामले को लेकर शास्त्रीनगर थाने के प्रभारी विमलेंदु कुमार ने बताया कि फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है। आरोपित कुणाल मूलरूप से सीतामढ़ी के बैरगनिया, बेंगही थाना क्षेत्र के मसहां नरोत्तम गांव निवासी ललन प्रसाद का बेटा है। 

भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में फर्जीवाड़े का भंडा फूटने से अधिकारी व कर्मचारी सकते में हैं। बताते चलें कि कुछ दिन पहले मुख्य सचिव ने एक बैठक में बड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। 

निदेशालय से मिले सूत्र के अनुसार फेक डिग्री जमाकर नौकरी पाने वाले के मामले का खुलासा होने से कई और की गर्दन फंस सकती है। कुछ और अभ्यर्थियों की डिग्री फर्जी हो सकती है। इसके लिए प्रमाण पत्र का सत्यापन किया जा रहा है। जैसे-जैसे खुलासा होगा अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज होने की बात सामने आ रही है।

Friday, February 12, 2021

हाजीपुर में पहले से चल रहे विवाद में 27 वर्षीय युवक को गोली मारी, आरोपित महिला गिरफ्तार

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना | हाजीपुर के बलिगांव थाना क्षेत्र के खोआजपुर बस्ती पंचायत के इमायदपुर गांव में वर्चस्व को लेकर पहले से चले आ रहे विवाद में युवक को गोली मार दी गई। गोली लगने से घायल पप्पू कुमार का इलाज महुआ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बलिगांव पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार रात 8 बजे के आसपास की हे। 

जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात इमायदपुर गांव के सिराजपुर पुलिया के पास वर्चस्व को लेकर हुई गोलीबारी में दसी गांव के 27 वर्षीय पप्पू कुमार को अपराधियों ने दो गोली मारी है। गोली की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण युवक को लेकर पातेपुर पीएचसी गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। उसे स्वजन महुआ स्थित एक नर्सिंग होम में ले गए जहां इलाज चल रहा है।

घायल पप्पू ने अस्पताल में बताया कि रात करीब आठ बजे खाना खाकर मुंशी चौक स्थित अपना मसाला की दुकान पर सोने जा रहा थे। सिराजपुर पुलिया के पास दो-तीन ग्रामीणों से बात करने लगा। तभी दो बाइक पर सवार गांव के ही धर्मेंद्र यादव, संजीत कुमार, बिजिंद्र कुमार उर्फ विजय राय, कलमेश कुमार, राजकुमार पहुंचे और गाली देते हुए ताबड़तोड़ फायरिग करने लगे। मैंने फायरिग से बचने का प्रयास किया लेकिन दो गोली लग गई।

गोली की आवाज सुनकर गांव के सैकड़ों लोग जुट गए और तत्काल घटना की सूचना बलिगांव थाने को दी गई। ग्रामीणों के अनुसार घायल युवक और आरोपित धर्मेंद्र यादव के बीच जमीन की मापी को लेकर झड़प हुई थी। तब से बार-बार उक्त आरोपित द्वारा गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी जा रही थी। 

पुलिस ने घायल पप्पू के बयान पर धर्मेंद्र यादव, संजीत कुमार, बिजिंद्र कुमार उर्फ विजय राय, कलमेश कुमार, राजकुमार, रीना देवी एवं मीनू देवी पर हत्या करने की नीयत से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए बलिगांव थाने में आवेदन दिया गया है। बलिगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोलीबारी एवं घटना की साजिश रचने में शामिल महिला रीना देवी को गिरफ्तार कर थाना लाई है। महिला से पुलिस पूछताछ कर रही है।

Wednesday, January 13, 2021

पटना : नौबतपुर में भूमि विवाद में युवक की धारदार हथियार से हत्या

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। नौबतपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर गाव में मंगलवार को भूमि विवाद में धारदार हथियार से वारकर युवक की हत्या कर दी गई। जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गोपालपुर निवासी रामनाथ सिंह के पुत्र रविशकर उर्फ बबलू सिंह के रूप में हुई। 

बताया जाता है कि गोपालपुर निवासी अमरनाथ सिंह एवं रविशकर उर्फ बबलू सिंह के बीच पिछले कुछ दिनों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच मंगलवार को अमरनाथ सिंह अपने खेत में चना की फसल काटने गए थे। जहा बबलू के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई और मारपीट होने लगी। अमरनाथ सिंह की ओर से भी कई लोग घटनास्थल आ धमके। इसी बीच किसी ने धारदार हथियार से बबलू के शरीर पर प्रहार कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। 

जख्मी अवस्था में उसे घर लाया गया। वहां से एक ऑटो पर लादकर इलाज़ के लिए रेफरल अस्पताल नौबतपुर लाया गया। चिकित्सक ने स्थिति गंभीर देख उसे एम्स रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना में शामिल आरोपितों के पाच संबंधियों को पूछताछ के लिए पुलिस थाने लाई। 

इस बाबत मृतक बबलू सिंह की पुत्री रूपम कुमारी ने बताया कि उसे हल्ला होने की आवाज सुनाई दी। बाहर गई तो देखा कि गाव के ही भूषण सिंह, निखिल कुमार, अमरनाथ सिंह, अंकित एवं आशीष उसके पिता के साथ मारपीट कर रहे हैं। जब मेरे पिता बुरी तरह जख्मी हो गए तब वे लोग वहां से भाग निकले। घटना के बाद से गाव में तनाव की स्थिति है। वहीं थानाध्यक्ष ने बताया कि छानबीन की जा रही है।

Tuesday, January 12, 2021

वारदात / बेटे ने 2 दोस्तों के साथ केला चुराया, पिता ने दोस्तों को जमकर पीटा, एक की मौत, गिरफ्तार

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना | हाजीपुर के चेहराकलां के कटहरा ओपी क्षेत्र के रसूलपुर फतह गांव में केला चोरी के बाद हुए विवाद में एक केला चोर के पिता की पिटाई से दूसरे केला चोर की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना से उग्र ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। घटना की सूचना पाकर महुआ एवं गोरौल थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हैं।

जानकारी के अनुसार गांव में मंगलवार की रात मिंटू भगत के 14 वर्षीय पुत्र, कमलेश सहनी का पुत्र एवं सलेमपुर डुमरिया गांव निवासी भानू राय के पुत्र ने मिलकर बगलगीर के बागान से केला का घौद काट लिया। पता चलने के बाद बाद बुधवार सुबह भानू ने बेटे के दोनों दोस्तों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इससे दोनों के परिजन व स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। घायल दोनों बच्चों को लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन रास्तें में ही मिंटू भगत के 12 वर्षीय पुत्र आदित्य की मौत हो गई। 

घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस 

इस घटना की सूचना मिलते ही कटहरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची बच्चें की पिटाई करने वाले सलेमपुर डुमरिया गांव निवासी भोनू राय को गिरफ्तार कर ली। लेकिन इस पुलिसिया कार्रवाई से ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ था। ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए मौके पर महुआ एवं गोरौल थाना से पुलिस बुलाई गई। एक साथ कई थाने की पुलिस को देख मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। 

इसी बीच ग्रामीण एवं पुलिस के बीच कहासुनी शुरू हो गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस वाहन पर तोड़-फोड़ शुरू कर दी। इस घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है। जिनका महुआ के एक नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है। 

मुख्य आरोपी गिरफ्तार है : ओपी अध्यक्ष 

इस संबंध में कटहरा ओपी अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से ही ग्रामीणों के भारी आक्रोश था। इसके बावजूद मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

Friday, March 20, 2020

पटना / नाबालिग के साथ छेड़खानी करते पकड़ा गया अधेड़, मां-बेटी ने सिर कूचकर ले ली जान

: बिहार न्यूज़ टीम 

पटना। फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के संपतचक के कनौजी टोला में शराब के नशे में नाबालिग के साथ छेडख़ानी कर रहे अधेड़ की ईंट से कूच-कूचकर हत्या कर दी गई। वारदात शुक्रवार की रात हुई। अधेड़ की पहचान कनौजी टोला निवासी रामइकबाल मांझी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। रामइकबाल की पत्नी चमेली देवी ने हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाली मां-बेटी पर लगाया है।

मृतक की पत्नी ने मां और बेटी पर लगाया हत्या का आरोप

थानेदार आलोक कुमार ने बताया कि एक पक्ष ने छेडख़ानी का और रामइकबाल की पत्नी के बयान पर मां-बेटी पर पीट-पीटकर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना के बाद से आरोपित मां-बेटी फरार है।

बकरी बांधने घर से निकली थी नाबालिग

जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़की बकरी बांधने के लिए देर शाम घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान शराब के नशे में राम इकबाल मांझी ने नाबालिग से छेडख़ानी करने लगा। बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनकर महिला वहां पहुंची और मां-बेटी ने मिलकर पहले तो लाठी-डंडे से हमला कर दिया। फिर ईंट से कूचकर राम इकबाल मांझी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान संपतचक पीएचसी में मौत हो गई। पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एनएमसी भेज दिया। रामइकबाल की पत्नी चमेली देवी ने बताया कि राम इकबाल पर छेडख़ानी का झुठा आरोप लगाकर हत्या की गई है। 

शराब के अवैध कारोबार का भी लगा आरोप

वहीं स्थानीय ग्रामीण व मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार ने बताया कि कनौजी टोला में खुलेआम शराब का कारोबार होता है। हत्या का आरोपित रंजू देवी का पति रंजीत मांझी पहले भी शराब कारोबार में जेल जा चुका है। राम इकबाल मांझी की हत्या के पीछे शराब कारोबार ही मुख्य कारण है।

Download Bihar Today App